हाल ही में ये सामने आया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर यूक्रेन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का विरोध किया और रूस के पक्ष में मतदान किया। इस अप्रत्याशित कदम से अमेरिका की वैश्विक नीतियों को लेकर संदेह भी पैदा हो गया है। देखा गया है कि अमेरिका ने इससे पहले भी कई देशों को समर्थन देने के बाद छोडा है।
अफगानिस्तान: 20 साल की लड़ाई,और लाखों मौतें। हुई, फिर अचानक वापसी
संघर्ष की शुरुआत:
9/11 आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने “वॉर ऑन टेरर” की घोषणा करते हुए 2001 में अफगानिस्तान पर हमला किया।था। असल में अमेरिका का लक्ष्य अल-कायदा और तालिबान को खत्म करना था।
नतीजा ये हुआ :
दो दशकों तक चले इस युद्ध में 1.76 लाख लोगों की मौते हुई।
- 2011 में ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद भी अमेरिका अफगानिस्तान में मौजूद रहा।
- 2021 में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के ऐलान के बाद भी तालिबान ने तेजी से अफगानिस्तान पर कब्जा किया।
अमेरिका ने अफगान सरकार को आत्मनिर्भर बनने की सलाह देने के बाद देश छोड़ दिया।
वियतनाम युद्ध: 19 साल संघर्ष, लाखों मौतें हुई,। और वहां से भी फिर अमेरिका की वापसी
संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई:
1955 में अमेरिका ने दक्षिण वियतनाम को कम्युनिस्ट उत्तरी वियतनाम के खिलाफ समर्थन दिया। अमेरिका चाहता था कि साम्यवाद न फैले, और इसलिए उसने अपने हजारों सैनिक भेजे।
नतीजा क्या हुआ :
- 19 साल तक संघर्ष के बावजूद भी उत्तरी वियतनाम को हराना असंभव हो गया।
- अमेरिकी जनता ने युद्ध खत्म करने की मांग की।
- 1973 में पेरिस समझौते के तहत अमेरिका ने अपनी सेना हटा ली।
- 1975 में उत्तरी वियतनाम ने दक्षिण वियतनाम पर कब्जा कर लिया, जिससे अमेरिका की नीतियों की हार मानी गई।
सोमालिया: 19 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ऑपरेशन बंद
संघर्ष की शुरुआत:
1991 में सोमालिया में गृह युद्ध के बाद फिर अमेरिका मानवीय सहायता के नाम पर वहां पहुंचा। लेकिन जल्द ही उसने विद्रोही गुटों से टकराव भी शुरू कर दिया।
नतीजा ये हुआ :
- अमेरिका ने विद्रोही नेता के सहयोगियों को पकड़ने के लिए हमला किया था।
- इस संघर्ष में 19 अमेरिकी भी सैनिक मारे गए, और विद्रोहियों ने उनके शवों को सड़कों पर घसीटा।
- भारी विरोध के बाद अमेरिका ने सोमालिया से अपनी सेना हटा ली।
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अमेरिका की विदेश नीति कई बार अपने ही रणनीतिक लाभ पर आधारित दिखती है। वह समर्थन देने के बाद भी अपने सहयोगियों को अकेला छोड़ देता है। अफगानिस्तान, वियतनाम और सोमालिया जैसे उदाहरण सबके सामने है और यह साबित करते हैं कि अमेरिका अपने हितों के लिए युद्ध में उतरता है और जब उसे नुकसान दिखता है, तो वह पीछे हट जाता है। यूक्रेन में अमेरिका की बदली हुई स्थिति ने एक बार फिर इस सोच को मजबूत किया है कि क्या वह भरोसेमंद सहयोगी है भी कि नहीं?
या सिर्फ अपने फायदे की राजनीति खेलता है?











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