उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के बाद भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं जिसमें सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी और सबसे छोटा जिला हापुड़ है। उत्तर प्रदेश को चार भागों पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, मध्य, उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड, में विभाजित किया गया है उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 25 करोड़ के आसपास है उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीट हैं और 80 लोकसभा सीट हैं ।
राष्ट्रीय राजनीति में उत्तर प्रदेश की आवाज बहुत मजबूत है उत्तर प्रदेश से ही दिल्ली का रास्ता तय किया जाता है उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम ही राष्ट्रीय चुनावों को प्रभावित करते हैं इसी कारण से उत्तर प्रदेश के लिए किए गए निर्णय किस भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होते शीर्ष नेतृत्व को बहुत से पहलुओं पर विचार करना होता है मुख्यतः भविष्य में होने वाले चुनावों पर।
उत्तर प्रदेश क्यों है जरूरी ?
राष्ट्रीय राजनीति में उत्तर प्रदेश की आवाज बहुत मजबूत है उत्तर प्रदेश से ही दिल्ली का रास्ता तय किया जाता है उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम ही राष्ट्रीय चुनावों को प्रभावित करते हैं इसी कारण से उत्तर प्रदेश के लिए किए गए निर्णय किस भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होते शीर्ष नेतृत्व को बहुत से पहलुओं पर विचार करना होता है मुख्यतः भविष्य में होने वाले चुनावों पर।
भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक राष्ट्रीय पार्टी है। पिछले 3 महीने से यह कयास लगाए जा रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने मंडल अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है लेकिन इसमें 3 महीने की देरी हुई उसके दो सबसे अहम कारण थे पहले कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव और दूसरा कारण बीजेपी की अप इकाई महाकुंभ उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र के समापन का इंतजार कर रही थी अब जबकि यह सभी कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की बेसब्री भी बढ़ गई है।
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के मंडल अध्यक्षों की सूची जारी हो चुकी है । गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में जिला अध्यक्षों की घोषणा बाकी है इसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने भाजपा नेता विनोद तावडे को दी है जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिए गए मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश का दौरा भी किया । भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों की सूची अब सुगबुगाहट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी. नड्डा जी से मुलाकात कर चुके हैं इसलिए शायद किसी भी समय उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है।
अभी उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र चौधरी हैं उत्तर प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष का चुनाव आने वाले विधानसभा चानवो को भी ध्यान में रखकर किया जाएगा इसके लिए भाजपा अध्यक्ष चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उत्तर प्रदेश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चर्चा करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश बहुत अहम है इसलिए कई बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा नए प्रदेश अध्यक्ष में इस बात का ध्यान जरूर रखा जाएगा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के बीच सेतु की भूमिका अच्छे से निभा सकें पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 और उसके बाद लोकसभा चुनाव 2029 है पार्टी नए सिरे से प्रदेश में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है इसमें प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे और उसकी कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
माना जा रहा है की होली के बाद प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा जिसमें कई नए चेहरे के नाम की भी चर्चा हो रही है सीएम योगी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात भी हो चुकी है नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा के साथ ही वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा का भी निर्धारण हो जाएगा प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नामो पर विचार किया जा रहा है जो निम्न प्रकार हैं :-
यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव, पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, वी. एल. बर्मा, हरीश द्विवेदी, विद्यासागर सोनकर, अमरपाल शर्मा, सहित कई अन्य नाम भी है जिनके नाम पर चर्चा हो रही है इन सबके अलावा कई सांसद और विधायक भी प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में हैं ।
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सवाल यह भी उठता है कि पार्टी जिस तरह मंडल अध्यक्ष में ओबीसी को प्राथमिकता दी है क्या वही प्रमुखता जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में भी देखने को मिलेगी । पिछड़े चेहरों की बात करें तो इसमें केंद्रीय मंत्री बीएल शर्मा और टीम योगी के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र सिंह का नाम प्रमुखता में शामिल है माना यह भी जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व की पसंद कोई ब्राह्मण चेहरा भी हो सकता है और मौजूद अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य जी की उपमुख्यमंत्री कैसा मौर्य के नजदीकी माने जाते हैं उन पर भी विश्वास जता सकती है साध्वी निरंजन ज्योति और राज्यसभा सांसद बाबू राम निषाद जी संघ और शीर्ष की पसंद हो सकते हैं।
चर्चा में ब्राहमण चेहरे
देखने में यह भी आया है कि पहले 2022 विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में ब्राहमणों की नाराजगी की चर्चा भी जोरों पर थी ऐसे में पार्टी किसी ब्राहमण चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। इस लिस्ट में भी कई प्रमुख नाम शामिल हैं जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद डा० दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला के अलावा कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय का नाम भी शामिल है ।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए अंतिम नाम भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और संघ की पसंद का ही होगा। देखना बहुत दिलचस्प होगा कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व इन्हीं नामो में से किसी के नाम पर अपनी स्वीकृति देता है था इन सभी नामों को दरकिनार करके किसी नए नाम की घोषणा करता है।











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